विभिन्न भाषाओं में नाम :
| हिन्दी | मैदा लकड़ी, मैदा |
| संस्कृत | गजपीपली |
| मराठी | राना अम्बा |
| बंगाली | बड़ा कुकर चिता |
| पंजाबी | रायन |
| तेलगू | नारा |
| तमिल | पिसिन बट्ट |
| लेटिन | लिसिया पोलिएन्था। |
गुण :
मैदा लकड़ी की छाल ग्राही (भारी) होती है। अतिसार के रोग में इसकी छाल बहुत ही उपयोगी होती है। छिले हुए जख्मों में इसके ताजा या सूखे तने को घिसकर लगाने से जख्म जल्दी भर जाता है। इसके बारीक चूर्ण का लेप बनाकर चोट, मोच तथा दर्द वाले भाग पर लगाने पर बहुत लाभ मिलता है।
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