Saturday, 9 April 2016

पीते के पत्‍ते का जूस पीकर दूर करें हर रोग


आईए जानते हैं :
इसमें कैंसर विरोधी गुण होते हैं जो कि इम्‍यूनिटी को बढाने में मदद करते हैं और सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्‍ट कैंसर, अग्नाशय, जिगर और फेफड़ों के कैंसर को होने से रोकते हैं।
पपीते की पत्‍तियों में 50 एक्‍टिव सामग्रियाँ होती हैं जो कि सूक्ष्मजीवों... जैसे फंगस, कीड़े, परजीवी और कैंसर कोशिकाओं के अन्य रूपों को बढने से रोकती हैं।
इन पत्‍तियों में सर्दी और जुखाम जैसे रोगों से लड़ने की शक्‍ति होती है।
यह खून में व्हाइट ब्‍लड सेल्‍स और प्‍लेटलेट्स को बढ़ा देती हैं। यह मलेरिया से लड़ने में प्रभावकारी होती हैं।
पपीते की पत्‍तियों का रस मलेरिया के लक्षणों को बढ़ने से रोकता है।
डेंगू से लड़ने के लिये पपीते की पत्‍तियों काफी लाभकारी सिद्ध होती हैं।
यह गिरते हुए प्लेटलेट को बढ़ाने, खून के थक्के जमने तथा जिगर की क्षति को रोकती हैं, जोकि डेंगू वाइरस के कारण हो जाता है।
पपीते के पत्‍ते कई औषधीय गुणों से युक्त होते हैं। शरीर के प्रायः प्रायः जितने भी रोग हैं वे पपीते के पत्‍तों के रस के इस्‍तमाल से दूर हो सकते हैं।
पपीते के पत्‍ते खाने में कडुए लगते हैं लेकिन उनमें कमाल के गुण छुपे हुए होते हैं।
पपीते के पत्‍तों में विटामिन A, B, C, D और E और कैल्‍शियम पाए जाते हैं। जो लोग अपनी सेहत के प्रति जागृत हैं, वे आजकल पपीते के पत्‍तों का काफी इस्‍तमाल करने लगे हैं।
इसके प्रयोग से घातक रोग जैसे कैंसर, दिल की बीमारी, डेंगू, ब्‍लड शुगर तथा आँतों में बसे परजीवियों को नष्‍ट करने में सफलता मिलती है।
यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढाता है।
पपीते की ताजी और छोटी पत्‍तियाँ शरीर से डेंगू के विषैलेे जहर को निकालने मे मदद करती हैं।
पपीते की ताजी पत्‍तियों को पीसकर उसके रस को रोगी को पिलाने से ब्लड प्‍लेटलेट्स बढ़ने शुरु हो जाते हैं।
पपीते की पत्‍तियों का रस अन्‍य फलों के रस के साथ मिलाकर भी रोगी को दिया जा सकता है।
विधि:
पपीते के एक पत्ते को दो-तीन इमली, चुटकीभर नमक और 1 गिलास पानी के साथ मिक्‍स कीजिेए। फिर इसे उबालिये और जब एकचौथाई मात्रा में काढ़ा बनकर तैयार हो जाए तो इसे ठंडा करके छानकर इसे पी लें। यह काढ़ा रक्त में ब्‍लड प्‍लेटलेट्स तेजी से बढ़ाता है अतः डेंगू एवं स्वाईन फ्लू के रोगी को पपीते के पत्‍ते का दो चम्‍मच रस अथवा काढ़ा रोजाना कुछ दिनों तक सुबह-सुबह खाली पेट पीना चाहिए।
अगर चेहरे पर मुँहासे हैं तो पपीते के सूखे पत्ते का थोड़े से पानी के साथ मिक्‍स कर के पेस्‍ट बना लें। फिर इस पेस्‍ट को चेहरे पर लगाकर सुखा लें और फिर पानी से धो लें। पपीते के पत्‍ते के काढ़े का सेवन करने से खोई हुई भूंख दोबारा वापस आ जाती है।

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